Gratuity Rules 2025: Gratuity एक ऐसी राशि है जो कर्मचारियों को उनकी लंबी सेवा के लिए नियोक्ता द्वारा दी जाती है। यह न केवल कर्मचारी की मेहनत का सम्मान है, बल्कि रिटायरमेंट या रिजाइनेशन के बाद उनकी आर्थिक सुरक्षा का भी आधार है। लेकिन gratuity rules in India की अनदेखी करने पर कर्मचारी इस लाभ से वंचित हो सकते हैं। आइए जानते हैं new gratuity rules, how to calculate gratuity, और gratuity eligibility India से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण बातें।
Gratuity Eligibility Period: पात्रता की शर्तें
Gratuity eligibility India के लिए कर्मचारी को कम से कम 5 साल की निरंतर सेवा पूरी करनी होती है। कुछ मामलों में, यदि कोई कर्मचारी 4 साल और 240 दिन की सेवा पूरी करता है, तो वह भी ग्रेच्युटी के लिए पात्र हो सकता है। लेकिन अगर सेवा अवधि इससे कम है, तो gratuity नहीं मिलती। इसके अलावा, मृत्यु या विकलांगता (दुर्घटना या बीमारी के कारण) की स्थिति में 5 साल की शर्त लागू नहीं होती।
किन कंपनियों पर लागू हैं Gratuity Rules?
Gratuity rules in India के तहत Payment of Gratuity Act, 1972 उन संगठनों पर लागू होता है जहां 10 या अधिक कर्मचारी कार्यरत हों। अगर कंपनी इस एक्ट के दायरे में नहीं आती, तो gratuity देना या न देना कंपनी की नीति पर निर्भर करता है। कर्मचारियों को यह जांचना चाहिए कि उनकी कंपनी Gratuity Act के अंतर्गत पंजीकृत है या नहीं। Gratuity new rules 2024 के अनुसार, केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी की सीमा को 20 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दिया गया है।
कब रुक सकती है Gratuity?
Gratuity rules के तहत, यदि कर्मचारी का व्यवहार अनैतिक हो या उसकी लापरवाही से कंपनी को आर्थिक नुकसान होता है, तो कंपनी gratuity रोक सकती है। उदाहरण के लिए:
- नैतिक भ्रष्टाचार या हिंसक व्यवहार के कारण टर्मिनेशन।
- कंपनी को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने की स्थिति।
हालांकि, gratuity पूरी तरह रोकने के लिए कंपनी को उचित प्रक्रिया का पालन करना होगा, जैसे कारण बताओ नोटिस और सुनवाई। बिना सबूत के gratuity रोकना गैरकानूनी है।
कंपनी की जिम्मेदारी और प्रक्रिया
Gratuity rules 2025 के अनुसार, gratuity रोकने से पहले कंपनी को:
- कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस देना होगा।
- आरोपों को प्रमाणित करना होगा।
- उचित सुनवाई की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
यदि कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तभी gratuity को आंशिक या पूर्ण रूप से रोका जा सकता है। बिना वैध कारण के gratuity रोकना गैरकानूनी है।
बिना कारण Gratuity रोकने पर क्या करें?
अगर कंपनी बिना उचित कारण के gratuity रोकती है, तो कर्मचारी:
- कंपनी को लीगल नोटिस भेज सकता है।
- जिला श्रम आयुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कर सकता है।
- कानून के तहत, कंपनी को मूल राशि के साथ ब्याज और जुर्माना देना पड़ सकता है।
How to Calculate Gratuity: ग्रेच्युटी की गणना कैसे करें?
Gratuity calculation के लिए फॉर्मूला है:
Gratuity Formula:
Gratuity = (अंतिम मासिक वेतन × सेवा के वर्ष × 15) / 26
- अंतिम मासिक वेतन: इसमें बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता (DA) शामिल होता है।
- सेवा के वर्ष: 6 महीने से अधिक की सेवा को अगले पूर्ण वर्ष में गिना जाता है। उदाहरण के लिए, 7 साल 8 महीने को 8 साल माना जाएगा।
- 15/26: यह प्रति वर्ष 15 दिन की सैलरी को दर्शाता है, क्योंकि महीने में 26 कार्यदिवस माने जाते हैं।
उदाहरण:
मान लीजिए, कर्मचारी की अंतिम सैलरी (बेसिक + DA) ₹50,000 है और उसने 10 साल 7 महीने काम किया है।
Gratuity = (50,000 × 11 × 15) / 26 = ₹3,17,308
कर्मचारी how to check gratuity amount के लिए ऑनलाइन gratuity calculator का उपयोग कर सकते हैं।
How Much Gratuity After 5 Years?
5 साल की सेवा के बाद gratuity की गणना उसी फॉर्मूले से होती है। उदाहरण:
- अंतिम सैलरी: ₹30,000
- सेवा अवधि: 5 साल
- Gratuity = (30,000 × 5 × 15) / 26 = ₹86,538
कर नियम और छूट
- सरकारी कर्मचारी: Gratuity पूरी तरह टैक्स-मुक्त होती है।
- निजी क्षेत्र के कर्मचारी: 20 लाख रुपये तक की gratuity टैक्स-मुक्त है। इससे अधिक राशि पर आयकर लागू होता है। Gratuity new rules 2024 के तहत, केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए यह सीमा 25 लाख रुपये है।
- यह नियम आयकर अधिनियम की धारा 10(10) के तहत लागू होता है।
Gratuity को सुरक्षित रखने के उपाय
- सेवा रिकॉर्ड और वेतन स्लिप सुरक्षित रखें।
- कंपनी की gratuity पॉलिसी को समझें और HR से समय-समय पर जानकारी लें।
- नामांकन (Nomination): Gratuity rules के तहत, 1 साल की सेवा पूरी होने पर नॉमिनी नियुक्त करें।
- अनुशासनहीनता या लापरवाही से बचें, ताकि gratuity पर कोई असर न पड़े।
Gratuity Rules 2025: तुलनात्मक तालिका
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| Gratuity Eligibility Period | 5 साल की निरंतर सेवा (मृत्यु/विकलांगता में छूट) |
| Gratuity Formula | (अंतिम वेतन × सेवा के वर्ष × 15) / 26 |
| How Much Gratuity After 5 Years | उदाहरण: ₹30,000 सैलरी पर ₹86,538 (5 साल के लिए) |
| Gratuity New Rules 2024 | केंद्रीय कर्मचारियों के लिए सीमा ₹20 लाख से बढ़कर ₹25 लाख |
| टैक्स छूट | सरकारी कर्मचारी: पूर्ण टैक्स-मुक्त; निजी क्षेत्र: ₹20 लाख तक टैक्स-मुक्त |
| ग्रेच्युटी रोकने का कारण | अनैतिक व्यवहार, कंपनी को नुकसान, हिंसक कृत्य (उचित प्रक्रिया के बाद) |
| कानूनी उपाय | लीगल नोटिस या जिला श्रम आयुक्त कार्यालय में शिकायत |
| How to Check Gratuity Amount | ऑनलाइन ग्रेच्युटी कैलकुलेटर |
निष्कर्ष
Gratuity कर्मचारी का अधिकार है, जिसे gratuity rules in India के तहत सुरक्षित किया गया है। New gratuity rules 2025 और gratuity calculation की जानकारी रखकर कर्मचारी अपने हक को सुरक्षित रख सकते हैं। कंपनियों को भी Payment of Gratuity Act, 1972 का पालन करना चाहिए ताकि कर्मचारियों का विश्वास बना रहे। Gratuity eligibility period और how to calculate gratuity को समझकर कर्मचारी अपनी वित्तीय योजना को बेहतर बना सकते हैं।
अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है और विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है। Gratuity या कानूनी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ सलाह लें।